This one too made it from the drafts somehow…been a few years since I wrote it though.
सूखे होंठ, रूखे बाल
This one too made it from the drafts somehow…been a few years since I wrote it though.
अनायस, मुक्ति का आभास सहज साहस, उन्मुक्त श्वास अविरल विचार, स्वतंत्र सरिता भँवरे की गुंजन, सरल कवि...Read more
ना रंज किसी से, किसी की उल्फ़त भी नहीं रोका मुझे किसी मेहरबाँ की बाहों ने नहीं महकती साँसे नहीं, क...Read more
आरज़ू और इल्तिज़ा का बस इतना फ़साना है एक सांस का आना, एक सांस का छूट जाना है तुम्हें गुरूर हो अपनी सं...Read more
रास्तों और मंज़िलों का फ़र्क मिटा दिया सहर-ओ-शब को इस तरह मिला दिया नफ़ा-नुक्सान कैसा? क्या, किसने दिय...Read more
It’s surprising how many nights I need a piece of you to hold on to. Tiny reminders of hazy memorie...Read more
What if, you fall in love with an open wound? What if, you get addicted to the tinge of pain so much...Read more
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