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Monday, June 3, 2019
Saturday, September 22, 2018
Din Bujha Diya (दिन बुझा दिया)

रास्तों और मंज़िलों का फ़र्क मिटा दिया सहर-ओ-शब को इस तरह मिला दिया नफ़ा-नुक्सान कैसा? क्या, किसने दिया? इसी जमा-जोड़ में रात दिन लगा दिया च...

Thursday, September 20, 2018
Sunday, August 19, 2018
Thursday, November 16, 2017
अग्नि-वर्षा (Rain of Fire)

अनायस, मुक्ति का आभास सहज साहस, उन्मुक्त श्वास अविरल विचार, स्वतंत्र सरिता भँवरे की गुंजन, सरल कविता है यथार्थ, या मात्र एक भ्रम स्वपन ...

Sunday, May 21, 2017
मरघट के उत्सव (The Celebration)

नित्य नवीन काया सजाए राम नाम का कीर्तन गाये जन - परिजन संग लिये परिधान,श्रृंगार रंग किये अनुष्ठान रात-दिन रचते हैं  मरघट के उत्सव कहते हैं ...

Thursday, December 8, 2016
Tuesday, August 25, 2015
Saturday, August 22, 2015
Friday, July 10, 2015
Mansooba (मंसूबा)

  हुआ करे लाख़ मुख़ातिब, हमसे लोग ज़माने में करें ख़ैरियत - ख़्याल बेशक़, दिन-रात, आने-जाने में दरकार सबकी अपनी है, अदब-सलाम बजाने में यूँ ही नही...

Friday, March 6, 2015
Aur Nahi Hota (और नहीं होता)

नज़रों से ज़्यादा आज़ाद-गुफ़्तार नहीं कोई यह वो कहती है जो ज़बान से बयान नहीं होता होगा कौन और दर्द सा वफादार इस ज़माने में साथ यह निभाता है जब ...

Tuesday, December 23, 2014
Yun Hi Sahi (यूँ ही सही)

ना सही मेरा ईमान काबे कलीसा में हुआ मैं गर तो क्या, क़ाफ़िर ही सही मेरे हर दिन, हर पल में शामिल तू तेरे लिए चाहे मैं रहा अजनबी ही सही किसी ...

Monday, December 22, 2014
Friday, October 31, 2014
Tuesday, October 28, 2014
Rafoogar (रफ़ूगर)

कुछ स्याह और हो यह शब तो सुकून मिले तेरी हसरतों से फिर मुझे नया जूनून मिले मेरी दीवानगी, मेरी तिश्नगी की नज़र हुई कहूँ तुम से भी अब क्या, कि...

Wednesday, July 2, 2014
मेरी मीरा तुम (Meri Meera Tum)

क्षणिक मृत्यु का वरदान तुम्हारा भाग्य कब था ? तुम्हें तो प्रत्येक पल सहस्रों बार मरना था किसी अविरल वेग संग अनायस विलुप्त होना शायद सौभाग्य...

Friday, May 2, 2014
Wednesday, April 2, 2014
Thursday, February 28, 2013
Friday, November 2, 2012
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