Sunday, September 30, 2018
Saturday, September 22, 2018
Din Bujha Diya (दिन बुझा दिया)

रास्तों और मंज़िलों का फ़र्क मिटा दिया सहर-ओ-शब को इस तरह मिला दिया नफ़ा-नुक्सान कैसा? क्या, किसने दिया? इसी जमा-जोड़ में रात दिन लगा दिया च...

22 Sep 2018
Thursday, September 20, 2018
To the Moon (चाँद तक)

आरज़ू और इल्तिज़ा का बस इतना फ़साना है एक सांस का आना, एक सांस का छूट जाना है तुम्हें गुरूर हो अपनी संगदिली का बेशक़ हमें ना-गवारा एक आह का नि...

20 Sep 2018
Monday, September 17, 2018
Thursday, September 6, 2018
Monday, September 3, 2018
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